
चंबा। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार चंबा पहुंचने पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का चंबा में जोरदार स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री के स्वागत में सुलतानपुर स्थित हैलीपैड पर काफी भीड़ जुटी थी। वहीं ब्लाक कांग्रेस की अगुवाई करते हुए पीसीसी सचिव पवन नैय्यर ने सुलतानपुर में मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
उधर, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समक्ष युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शिवांक ने चंबा कालेज में एमए हिंदी और राजनीति शास्त्र की कक्षाएं लगाने की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें लिखित तौर पर मांग रखने और इस पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, इस बार भी नए जेल परिसर का उद्घाटन नहीं हो सका है। ज्ञात रहे कि जेल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, मगर अभी कुछ छोटी-छोटी दिक्कतें हैं जो अभी तक नहीं सुलझाई जा सकी हैं। वहीं एचआरटीसी की वर्कशाप का निर्माण कार्य भी अधूरा पड़ा है। यहां बिजली और पानी के कनेक्शन नहीं लग पाए हैं और आरएम आफिस का काम बचा हुआ है। इसके अलावा स्थानीय बस स्टैंड को लेकर भी अभी कोई निर्णय नहीं हो पाया है। पूर्व सरकार के कार्यकाल में इसका शिलान्यास मौजूदा जेल परिसर के पास किया गया है। जेल और वर्कशाप शिफ्ट होने पर ही यह कार्य शुरू हो पाएगा। इस जगह बस स्टैंड को लेकर भी कुछ लोग विरोध कर रहे हैं और इसे जीरो प्वाइंट के पास बनाने की बात कही जा रही है।
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एस्कार्ट वाहन की गलती पर झल्लाए नेता
मिंजर मेला का अंतिम दिन होने के कारण शहर का चप्पा-चप्पा लोगों से भरा हुआ था। हालत यह थी कि पुलिस को भी ट्रैफिक व्यवस्था संभालने को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, सीएम के काफिले को एस्कार्ट करते समय भी गड़बड़ी हुई। हैलीपैड से सुलतानपुर स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के भवन के शिलान्यास के कार्यक्रम में जाते समय एस्कार्ट कर रही पुलिस की गाड़ी दूसरे रास्ते पर ही मुड़ गई। इस पर मुख्यमंत्री के साथ चले नेता काफी नाराज हुए। वहीं, मुख्यमंत्री के काफिले को सपड़ी मोहल्ला में जाना था, तो उन्हें अपेक्षाकृत लंबे रास्ते लक्ष्मी-नारायण मंदिर की ओर से भेजा गया। शहर में संकरा रास्ता होने के कारण उन्हें काफी देर लग गई। इससे सीएम का सिक्योरिटी स्टाफ भी परेशान हुआ। बाद में एसपी जगत राम सपड़ी में पुलिस कर्मियों की क्लास लगाते भी दिखे। हालांकि कुल मिलाकर मिंजर मेला में ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों के आवाजाही सुचारु रखकर सराहनीय कार्य किया है।
